शिक्षकों पर कार्रवाई करने से पहले प्रबंधतंत्र ले अनुमति
भेजे गए पत्र में धारा 18 एवं 21 में दी गई व्यवस्था को बिंदुवार बताया है। चयन बोर्ड की यह दोनों धारा शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम में नहीं है। इससे तदर्थ प्रधानाध्यापकों/ प्रधानाचार्यों का वेतन और शिक्षक अपनी सेवा को लेकर चिंतित हैं। धारा 21 में शिक्षकों सेवा संबंधी प्रावधान थे। इससे प्रबंधतंत्र को किसी शिक्षक के विरुद्ध निलंबन, बर्खास्तगी आदि की कार्यवाही करने के पूर्व चयन बोर्ड से अनुमति लेनी पड़ती थी।
यह धारा नए आयोग में लागू होने से शिक्षकों पर कार्रवाई से पहले प्रबंधतंत्र को आयोग से अनुमति लेनी होगी। प्रधानाचार्य परिषद व माध्यमिक शिक्षक संघों ने शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम 2023 में चयन बोर्ड अधिनियम 1982 की इन दोनों धाराओं को प्रख्यापित किए जाने की मांग की है।

