फर्जी शिक्षिका ने 23 दिन बाद ही दे दिया था इस्तीफा, खंगाले जा रहे हैं नवनियुक्त अभ्यर्थियों के अभिलेख
शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में शामिल रिक्षा पांडेय ने 23 दिन की नौकरी के बाद ही इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा स्पीड पोस्ट से भेजा था। इसके पहले ही वह मेडिकल लीव पर चली गई थी। गोविंदनगर आर्यकन्या इंटर कॉलेज में पीजीटी शिक्षिका रिक्षा पांडेय को कॉलेज प्रबंधन ने पद रिक्त न होने की बात कहकर जॉइन कराने से मना कर दिया था।
इस पर उन्होंने ऊपर शिकायत करने का दबाव बनाया, तो प्रबधंन ने जॉइन करा दिया। उसे किसी विशेष कक्षा की जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। शिक्षिका ने दो मार्च से 25 मार्च तक कॉलेज में पढ़ाया है। 26 मार्च को मेडिकल लीव का प्रार्थना पत्र सौंपा। यह प्रार्थना पत्र 26 की तारीख का ही मिर्जापुर के एक डॉक्टर ने जारी किया था। ऐसे में यह साफ है कि जब 25 तक वह कानपुर में थीं।
ऐसे में 26 को मिर्जापुर जाकर वह अपना चेकअप करवाकर कैसे प्रमाण पत्र बनवा सकती है। इसके बाद 27 मार्च को कॉलेज प्रबंधन को एक स्पीड पोस्ट मिला जिसमें इस्तीफा था। इससे साफ है कि उसके फर्जीवाड़े के खुलासे का अंदेशा हो गया था।
उधर,कॉलेज मैनेजर शुभ कुमार वोहरा ने बोर्ड को शिकायती पत्र भेजकर बिना अधियाचन शिक्षिका को भेजने की शिकायत की थी। प्रधानाचार्य रेखा सेन ने बताया कि इस्तीफे में पिता के स्वास्थ्य को कारण बताया गया है।
खंगाले जा रहे नवनियुक्त अभ्यर्थियों के अभिलेख
पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) परीक्षा-2021 में फेल होने के बाद भी दो अभ्यर्थियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कराकर कानपुर के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण कर लिया था।
वह प्रतीक्षा सूची में भी नहीं थे। इस मामले के खुलासे के बाद अन्य जिलों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच होने लगी है। ऐसा खेल कई और जिलों में होने की आशंका है।

