प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों पर अफसर-प्रतियोगी अड़े
लखनऊ:- प्राथमिक स्कूलों की शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों को लेकर घमासान छिड़ा है, 69,000 भर्ती की लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थी 68,500 भर्ती के खाली पदों पर नियुक्ति चाहते हैं, जबकि अफसर नियमों का हवाला देकर इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों भर्तियों का विज्ञापन, परीक्षा का प्रारूप, कटआफ अंक व शैक्षिक अर्हताएं तक अलग हैं। बेसिक शिक्षा विभाग 69,000 शिक्षक भर्ती पूरी करा चुका है, सिर्फ कुछ पदों पर नियुक्ति होना शेष है इसी के बाद मुहिम ने जोर पकड़ा है।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षामित्रों का समायोजन रद होने के बाद खाली पदों के सापेक्ष दो भर्तियां निकाली गईं थीं। 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा में 41,556 अभ्यर्थी सफल हुए थे। पुनमरूल्यांकन के बाद करीब 45 हजार से अधिक को नियुक्ति मिल चुकी है, जबकि कुछ अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया चल रही है।
इसमें करीब 22 हजार से अधिक पद खाली हैं। इसके बाद 69,000 भर्ती का विज्ञापन आया। लिखित परीक्षा में तय पदों के सापेक्ष दोगुने से अधिक 1,46,060 अभ्यर्थी सफल हुए। लगभग सभी पद तीन चरणों की काउंसिलिंग में भर चुके हैं।
इस भर्ती में चयनितों से अधिक 75 हजार अभ्यर्थी बाहर हुए हैं। वे 68,500 भर्ती के रिक्त पदों पर चयन की मुहिम छेड़े हैं। इसे लेकर 57 दिन से एस०सी०ई०आर०टी० पर धरना चल रहा है। पिछले दिनों पानी की टंकी पर चढ़कर अभ्यर्थियों ने कई दिन आंदोलन चलाया। सोमवार से अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग के अफसर उनकी मांगे नहीं मान रहे हैं, उनकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। वहीं, अफसरों का कहना है कि दो अलग भर्तियों के पद जोड़ना संभव नहीं है। दोनों में चयन अलग तरीके से हुआ है, इसलिए एक भर्ती परीक्षा में सफल होने वालों को दूसरी भर्ती में समाहित नहीं किया जा सकता।

